मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जनपद में SIR अभियान
हल्द्वानी 3 अगस्त - भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में न रहे।
मतदाता सूची में नाम, उपनाम, आयु, पता, हिंदी-अंग्रेजी वर्तनी तथा अन्य अभिलेखीय विसंगतियों के आधार पर सत्यापन हेतु नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त कई मामलों में पुराने अभिलेखों, शैक्षिक प्रमाणपत्रों और मतदाता सूची के विवरण में अंतर पाए जाने या पारिवारिक विवरणों में असामान्य विसंगतियां मिलने पर भी सत्यापन के लिए नोटिस दिए गए हैं।
जिला निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि केवल नोटिस जारी होने से ही किसी का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा प्रत्येक मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। सुनवाई के उपरांत ही नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सत्यापन के लिए निम्न में से कोई भी एक दस्तावेज मान्य होगा केंद्र/राज्य सरकार/पीएसयू के कर्मचारी/पेंशनभोगी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश 01.07.1987 से पूर्व जारी दस्तावेज सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी द्वारा भारत में जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पासपोर्ट शैक्षिक प्रमाण पत्र मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र स्थायी निवास प्रमाण पत्र सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी प्रमाण पत्र राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जहां लागू हो परिवार रजिस्टर राज्य/सीनियर अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया भूमि/मकान आवंटन पत्र सरकार द्वारा जारी।