भारत के गौरवशाली राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया

       हल्द्वानी 07 नवम्बर- भारत के गौरवशाली राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को जिलेभर में उल्लास और देशभक्ति के वातावरण में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वंदे मातरम का सामूहिक गायन जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, विकास भवन भीमताल, जिला कार्यालय नैनीताल सहित सार्वजनिक स्थलों पर किया गया। मुख्य कार्यक्रम हल्द्वानी स्थित एम.बी. इंटर कॉलेज मैदान में भव्य रूप से आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कुमाऊँ रेजीमेंट रानीखेत से आए सेना के बैंड दल तथा खटीमा से आए प्रसिद्ध गायक शेरी सिंगर द्वारा “वंदे मातरम” और अन्य देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम स्थल को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया।

        पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के सम्मान, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का शाश्वत मंत्र है। इस गीत ने आज़ादी के आंदोलन के दौरान करोड़ों भारतीयों के भीतर अदम्य साहस और एकता की भावना का संचार किया और कहा कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होना मातृभूमि के प्रति समर्पण, कर्तव्य और जिम्मेदारी को पुनः स्मरण करने का अवसर है। “वंदे मातरम” की रचना वर्ष 1875 में महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा की गई थी। यह गीत उनकी प्रसिद्ध कृति ‘आनंदमठ’ का हिस्सा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह गीत क्रांतिकारियों और जनता के लिए प्रेरणा-स्रोत बना। वर्ष 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया और 1950 में भारतीय संविधान सभा ने इसे आधिकारिक राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया।

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  महेंद्र भट्ट, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी, कर्मचारी एवं स्कूलों के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।