राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का किया आयोजन

         हल्द्वानी 6 नवम्बर- राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हल्द्वानी के एम.बी.पी.जी. कॉलेज प्रांगण में ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया और सम्मेलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीरांगनाओं एवं उनके परिजनों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री श्री धामी का स्थानीय नागरिकों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित पूर्व सैनिकों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और राज्य निर्माण व राष्ट्र सेवा में उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर परिवार गर्व से कह सकता है कि उसके घर से कोई न कोई भारत माता की सेवा में समर्पित है। देवभूमि उत्तराखंड वास्तव में वीरभूमि है, जहाँ की माटी में ही राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना रची-बसी है।

        मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सैनिक कल्याण विभाग के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि हर सैनिक परिवार तक योजनाओं का लाभ सहज रूप से पहुँच सके। शहीद सैनिकों की नारियों को आवासीय भवन निर्माण हेतु दी जाने वाली सहायता राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा रहा है और शहीद सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है।

      मुख्यमंत्री ने बताया कि हल्द्वानी में सैनिकों के 150 बच्चों के लिए एक आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, जिससे सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सकेगी और कहा कि सैनिकों का जीवन अनुशासन, समर्पण और बलिदान की मिसाल है और “सैनिक कभी पूर्व सैनिक नहीं होता, वह सदैव सैनिक ही रहता है ” मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत में सभी जरूरी उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं तथा भारत आत्मनिर्भर बन रहा है।ऑपरेशन सिंधु मेघ में स्वदेशी ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता का भी उन्होंने जिक्र किया।

      कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह दिन उत्तराखंड के लिए गर्व और भावनाओं से परिपूर्ण है। प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि ने देश को अनेक वीरता पदक विजेता दिए हैं, परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित वीर, जो सदैव हमारी प्रेरणा हैं। वीर नारियों और वीरांगनाओं का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। उत्तराखंड का पंचम धाम, सैन्य धाम, शीघ्र लोकार्पित किया जाएगा। वीरता पदक प्राप्त सैनिकों को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है तथा प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 22 हजार से अधिक सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। हल्द्वानी में छात्रावास निर्माण हेतु गन्ना सेंटर के समीप 6.4 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है और मुख्यमंत्री द्वारा इसका शिलान्यास शीघ्र किया जाएगा।

         वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है और सरकार सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सम्मेलन में जनपद नैनीताल की 31 तथा ऊधमसिंहनगर की 13 वीर नारियों को मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। 

         सम्मेलन में विधायक बंशीधर भगत, रामसिंह कैडा, डाo मोहन बिष्ट, राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरम्वाल, मेयर गजराज बिष्ट, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री नवीन वर्मा, सुरेश भट्ट, दिनेश आर्य, अनिल कपूर डब्बू, रेनु अधिकारी, शंकर कोरंगा, तरूण बंसल के साथ ही जेड ए वारसी, शान्ति भटट, बिग्र्रेडियर संजय कुमार, आरएस थापा, दीप कोश्यारी, के साथ ही सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी टीसी मंजूनाथ, सीडीओ अनामिका, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सेनि ले.कर्नल रमेश सिंह, ले.कर्नल सेनि बीएस रौतेला, कर्नल सेनि जगत सिंह जंतवाल, कैप्टन सेनि पीएस भण्डारी के साथ ही उधमसिंह नगर एवं जनपद के सभी वीर सैनिकों की वीरांगनायें पूर्व सैनिक उपस्थित थे।